Raju-Shrivastava

बहुत रोया हूँ, इसलिए हंसाता हूँ : राजू श्रीवास्तव भिलाई। प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट और कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव कहते हैं कि गजल और हास्य दर्द से उत्पन्न होते हैं। कभी मैं बहुत रोया हूं, इसलिए लोगों को हंसाने का बीड़ा उठाया है। शादियों में होने वाले अनाप शनाप खर्च और गरीबी के कारण होने वाले अपमान की वजह से ही आज वे शादी की रस्मों पर प्रभावी रूप से कॉमेडी कर पाते हैं। उन्होंने कहा, यही वजह है कि कभी स्टार का बेटा या बेटी कॉमेडियन नहीं बनते। यह अभावों से उत्पन्न होती है।

बहुत रोया हूँ, इसलिए हंसाता हूँ : राजू श्रीवास्तव
भिलाई। प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट और कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव कहते हैं कि गजल और हास्य दर्द से उत्पन्न होते हैं। कभी मैं बहुत रोया हूं, इसलिए लोगों को हंसाने का बीड़ा उठाया है। शादियों में होने वाले अनाप शनाप खर्च और गरीबी के कारण होने वाले अपमान की वजह से ही आज वे शादी की रस्मों पर प्रभावी रूप से कॉमेडी कर पाते हैं। उन्होंने कहा, यही वजह है कि कभी स्टार का बेटा या बेटी कॉमेडियन नहीं बनते। यह अभावों से उत्पन्न होती है।

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