भिलाई। खेमकरण सेक्टर के असल उत्तर में 1965 में लड़ी गई तोपों की लड़ाई सैन्य इतिहास में अमर हो गई है। इस युद्ध में कम्पनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हामिद ने अपने हौसलों से पाकिस्तान को अमेरिका से मिले Patton Tanks की रिकायललेस गन से ही धज्जियां उड़ा दी थी। पैटन टैंकों का खौफ खत्म हो गया और भारतीय सेना ने पाकिस्तान को चारों खाने चित कर दिया। इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान के 99 पैटन टैंकों को या तो नष्ट कर दिया या फिर अपने कब्जे में ले लिया था। जब्त टैंकों से पैटन गांव बसाया गया। बाद में इन्हें अलग अलग शहरों को वार ट्रॉफी के रूप में भेज दिया गया। जब्त किए गए ये पैटन टैंक आज भी अपनी नाल नीचे किए हुए तिरंगे को सलामी देते हुए देश के प्रमुख शहरों में दिखाई दे जाते हैं।












