आरूषि मैं नहीं जानता तुम्हें किसने मारा। इतना कह सकता हूँ कि मृत्यु के बाद तुम्हारा चीर हरण हुआ। खोजी पुलिस, सीबीआई और पत्रकार ढूंढ-ढूंढ कर रसीले समाचार लाते रहे और लोग चटखारे ले लेकर पढ़ते रहे। मैं शर्मिन्दा हूँ कि मैं भी इसी सिस्टम का एक हिस्सा हूँ।












