gadhkalika-mata

महाकाल की नगरी में भैरव और देवी को मदिरा अर्पित करने की प्राचीन परंपरा है। हालांकि महाकवि कालिदास की आराध्य देवी गढ़कालिका को अब मदिरा का प्याला अर्पित नहीं किया जा रहा है। पुजारी परिवार ने इस पर हाल ही में रोक लगा दी है। पुजारी परिवार में लगातार अकाल मौतों के चलते यह निर्णय लिया गया है।

महाकाल की नगरी में भैरव और देवी को मदिरा अर्पित करने की प्राचीन परंपरा है। हालांकि महाकवि कालिदास की आराध्य देवी गढ़कालिका को अब मदिरा का प्याला अर्पित नहीं किया जा रहा है। पुजारी परिवार ने इस पर हाल ही में रोक लगा दी है। पुजारी परिवार में लगातार अकाल मौतों के चलते यह निर्णय लिया गया है।

Full size460 × 300

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *