बिलासपुर। बिलासपुर में सरपंच पति युग का अंत हो गया है। यहां की महिलाओं ने पारिवारिक सुख शांति को दांव पर लगाते हुए पति को ना कहना सीख लिया है। इसके साथ ही महात्मा गांधी का वह सपना भी सच हो गया है, जो उन्होंने 80 साल पहले देखा था। उन्होंने कहा था, मेरा दृढ़ मत है कि इस देश की सही शिक्षा यह होगी कि स्त्री को अपने पति से भी ‘न कहने की कला सिखाई जाए। उसे यह बताया जाए कि अपने पति की कठपुतली या उसके हाथों में गुडिय़ा बनकर रहना उसके कर्तव्य का अंग नहीं है। उसके अपने कर्तव्य और अधिकार हैं..।












