भिलाई। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय का मानना है कि कौशल पीढ़ी दर पीढ़ी पारम्परिक रूप से हस्तांतरित होती रही है। बढ़ई का बेटा बढ़ईगिरी, लोहार का बेटा लुहारी बहुत कम उम्र से सीखता था। किशोरावस्था आते तक वह इस ज्ञान में परिपक्व हो जाता और स्वयं उसे आगे बढ़ाता था। इसी गैप को दूर करने के लिए शासन ने स्किल डेवलपमेंट स्कीम शुरू की ताकि लोग रोजगार परक शिक्षा हासिल कर सकें। श्री पाण्डेय संतोष रूंगटा कैम्पस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस शास्त्रार्थ के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।












