खंडवा का इतिहास कई महापुरुषों से जुड़ा है। इसमें एक नाम युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद का भी है। शिकागो सम्मेलन में अमेरिका जाने से पहले विवेकानंद खंडवा आए थे। यहां वे करीब 18 दिन यहां रहे। चटर्जी परिवार के जिस घर में वह मेहमान थे, वहां अब निजी नर्सिंग होम है। जिस पलंग पर उन्होंने विश्राम किया और जिस अलमारी में सामान रखा, उसे आज भी राठौर परिवार ने विरासत के रूप में संभालकर रखा है।












