नई दिल्ली/मुंबई। पिछले 5 सालों में बैंक लोन फ्रॉड में तेजी से वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2012-13 में 6,357 करोड़ रुपये की लोन जालसाजी की गई तो मौजूदा वित्तवर्ष में यह 17,634 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि इसमें पीएनबी केस की रकम को शामिल नहीं किया गया है। आंकड़े बताते हैं कि फंसे कर्ज के बोझ तले दबे बैंकिंग सेक्टर की समस्या कितनी बड़ी है। बैकों के फंसे कर्ज का स्तर पिछले साल 149 अरब डॉलर तक पहुंच गया।












