Young-Scientist-Congress-20

दुर्ग। युवा वैज्ञानिक कांग्रेंस जैसे आयोजन युवा शोधार्थियों द्वारा किए जा रहे शोधकार्य को समाज के समक्ष लाने का सर्वश्रेष्ठ प्लेटफार्म है। हमें वैज्ञानिक तथ्यों को आम जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। ये उद्गार पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. शिवकुमार पाण्डेय ने आज बीआईटी दुर्ग के सभागार में व्यक्त किये। डॉ. पाण्डेय आज छत्तीसगढ़ काउसिंल ऑफ साइंस एण्ड टेक्नालॉजी रायपुर द्वारा प्रायोजित एवं दुर्ग विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा आयोजित 16 वीं युवा वैज्ञानिक कांग्रेस के समापन एवं यंग साइंटिस्ट अवार्ड वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। डॉ. पाण्डेय ने बड़ी संख्या में उपस्थित युवा शोधार्थियों, प्राध्यापकों, गणमान्य नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान को जीवन का हिस्सा बनायें। यदि युवा शोधार्थी निष्ठापूर्वक मौलिक शोधकार्य में लगे रहे तो निश्चित रूप से असंभव को संभव किया जा सकता है।

दुर्ग। युवा वैज्ञानिक कांग्रेंस जैसे आयोजन युवा शोधार्थियों द्वारा किए जा रहे शोधकार्य को समाज के समक्ष लाने का सर्वश्रेष्ठ प्लेटफार्म है। हमें वैज्ञानिक तथ्यों को आम जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। ये उद्गार पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. शिवकुमार पाण्डेय ने आज बीआईटी दुर्ग के सभागार में व्यक्त किये। डॉ. पाण्डेय आज छत्तीसगढ़ काउसिंल ऑफ साइंस एण्ड टेक्नालॉजी रायपुर द्वारा प्रायोजित एवं दुर्ग विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा आयोजित 16 वीं युवा वैज्ञानिक कांग्रेस के समापन एवं यंग साइंटिस्ट अवार्ड वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। डॉ. पाण्डेय ने बड़ी संख्या में उपस्थित युवा शोधार्थियों, प्राध्यापकों, गणमान्य नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान को जीवन का हिस्सा बनायें। यदि युवा शोधार्थी निष्ठापूर्वक मौलिक शोधकार्य में लगे रहे तो निश्चित रूप से असंभव को संभव किया जा सकता है।

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