भिलाई। नृत्य प्रस्तुत करने से चंद पल पहले नर्तक के पांव जख्मी हो जाएं और वह किसी को इसकी भनक तक न लगने दे, यह तभी संभव हो सकता है जब उसमें नृत्य के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव हो। ऐसा ही हुआ राममूर्ति भागावतार उत्सव-2018 नृत्य रस प्रवाह के दूसरे दिन। दिल्ली के प्रसिद्ध भरतनाट्यम नर्तक एवं गुरू हिमांशु श्रीवास्तव ने जख्मी होने के बाद भी बेहद खूबसूरत प्रस्तुति दी और किसी को भनक तक न लगी।












