भिलाई। 12वें राममूर्ति भागावतार उत्सव-2018 नृत्य रस प्रवाह के तीसरे दिन पौराणिक गाथाओं को शास्त्रीय नृत्य की अलग अलग विधाओं में प्रस्तुत किया गया। आंगिक ग्रुप आॅफ परफार्मिंग आर्ट्स के अतनु दास के नेतृत्व में जहां दो अलग अलग शैलियों में नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियां दी गई वहीं गुरू वनश्री राव के समूह ने महाभारत के प्रसंगों की जीवंत प्रस्तुतियां दीं। कोलकाता के मानस परई एवं साथियों ने अपनी खूबसूरत प्रस्तुतियों से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। महिषासुर मर्दिनी ने जहां लोगों को खड़े होकर तालियां बजाने के लिए विवश किया वहीं अभिमन्यु वध के बाद कौरवों के गुरू द्रोणाचार्य का विलाप ने लोगों को भावुक बना दिया।












