भिलाई। नृत्यधाम व कृष्णा पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राममूर्ति भागावतार उत्सव-2018 की पहली शाम कोलकाता की ओडिशी गुरू संचिता भट्टाचार्य ने अपनी प्रसिद्ध कृति अहिल्या को प्रस्तुत किया। इस नृत्य में संचिता ने देवी अहिल्या की खूबसूरती का मोहक चित्रण करने के साथ ही, इंद्र का उसपर मोहित होना, ऋषि गौतम का रूप धारण कर उसे धोखा देना और देवी अहिल्या द्वारा भ्रम में स्वयं को ऋषि रूपी इंद्र के आगे समर्पण की खूबसूरत प्रस्तुति दी।












