भिलाई। एमजे ग्रुप आॅफ कॉलेजेस की डायरेक्टर श्रीमती श्रीलेखा विरुलकर ने आज एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि हमें अपना आत्मबल इस तरह विकसित करना चाहिए कि कोई कितना भी हमें तोड़ मरोड़ ले, प्रलोभन दे दे पर हमारे मूल्य इससे अप्रभावित रहें। वे एमजे कालेज आॅफ फार्मेसी के फ्रेशर पार्टी को संबोधित कर रही थीं। श्रीमती विरुलकर ने कहा कि सौ रुपए के एक नए नोट की कीमत तोड़ मोड़ देने या भिगो देने पर भी अपरिवर्तित रहता है। उन्होंने फार्मेसी कालेज के छात्रों से कहा कि इस प्रफेशन में पैसे तो आते ही हैं पर समय के साथ मूल्यों का ह्रास भी होता है।












