दुर्ग। विधि एवं न्याय के क्षेत्र में सक्रिय संस्था आगाज ने दुर्ग के बाल संप्रेक्षण गृह में व्यवस्था को सुधारने का बीड़ा उठाया है। यहां दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, बेमेतरा एवं बालोद के अपचारी बालकों को रखा जाता है। पिछले कुछ समय से निरुद्ध बच्चों के उपद्रव के चलते यह केन्द्र सुर्खियों में रहा है। अपने स्थापना दिवस के अवसर पर आगाज के सदस्यों ने 25 जनवरी को बाल संप्रेक्षण ग्रह का अवलोकन एवं अपचारियों से चर्चा कर उनकी समस्याओ को जानने का प्रयास किया। आगाज ने पाया कि वहां निवासरत बच्चों को जिस उद्देश्य से रखा जाता है उसमें उनके सुधार के लिए निर्मित किये जाने वाले वातावरण का अभाव है। कानून के हिसाब से इन अपचारियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए पर्याप्त सुविधाएं प्रदान करना आवश्यक है। पर कर्मचारियों के रूखे व्यवहार के कारण इस उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो रही है।












