भिलाई। यदि आपकी राह में कष्ट नहीं हैं तो आप गलत रास्ते पर हैं। यह कहना था स्वामी विवेकानंद का। स्वामी विवेकानंद स्मृति दिवस के अवसर पर स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ‘स्वामी विवेकानंद और युवा’ विषय पर परिचर्चा में उक्त वक्तव्य का उल्लेख किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने किया। प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमारा धर्म कर्म पर आधारित है। कर्म आधारित धर्म के कारण भारत में विश्व गुरू बनने की क्षमता है। युवावस्था उत्कर्ष काल है यह युवाओं के कर्म करने का काल है।












