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बेमेतरा। कृषि कार्य में आधुनिक बदलाव आने से अब नांगर (हल) बैल के बदले ट्रेक्टर से जुताई करने लगे है। फिर भी कहीं-कहंी खेती किसानी कार्य में अब भी हल का उपयोग किया जा रहा है। कलेक्टर महादेव कावरे 8 जुलाई को ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर निकले थे। इस दौरान उन्हे ग्राम खिलोरा का एक किसान सोयाबीन बोता हुआ दिखाई दिया। उन्होंने अपना वाहन रूकवाया और खेत में जा पहुंचे। खिलोरा निवासी किसान दशरथ साहू उस वक्त हल चला रहे थे। कलेक्टर ने भी हल चलाने की इच्छा जाहिर की और दशरथ साहू से हल की पड़की (मुठ) पकड़कर खेत की जुताई की। इससे उन्हें अपना बचपन भी याद आ गया।

बेमेतरा। कृषि कार्य में आधुनिक बदलाव आने से अब नांगर (हल) बैल के बदले ट्रेक्टर से जुताई करने लगे है। फिर भी कहीं-कहंी खेती किसानी कार्य में अब भी हल का उपयोग किया जा रहा है। कलेक्टर महादेव कावरे 8 जुलाई को ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर निकले थे। इस दौरान उन्हे ग्राम खिलोरा का एक किसान सोयाबीन बोता हुआ दिखाई दिया। उन्होंने अपना वाहन रूकवाया और खेत में जा पहुंचे। खिलोरा निवासी किसान दशरथ साहू उस वक्त हल चला रहे थे। कलेक्टर ने भी हल चलाने की इच्छा जाहिर की और दशरथ साहू से हल की पड़की (मुठ) पकड़कर खेत की जुताई की। इससे उन्हें अपना बचपन भी याद आ गया।

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