नई दिल्ली। छात्र जीवन से ही अपनी आवाज मुखर करने वाली देश की होनहार बेटी और बहन सुषमा आज हमारे बीच नहीं हैं। शायद वे कश्मीर से धारा 370 के खात्मे का ही इंतजार कर रही थीं। उन्होंने अपने आखिरी ट्वीट में भी इस बात का जिक्र किया। कमजोरों की आवाज रहीं सुषमा का पूरा जीवन एक ऐसी अग्निशिखा की कहानी है जिसने अनेक तूफानों का सामना किया। हर मोर्चे पर अपनी छाप छोड़ी। राजनीतिक गुरू की विरासत को संभाला, दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं, प्रभावशाली विदेशमंत्री और पार्टी की मुखर आवाज बनीं। उनका पूरा जीवन एक प्रेरक चलचित्र की भांति करोड़ों देशवासियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।












