भिलाई। स्पर्श मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल के चीफ इंटेसिविस्ट डॉ एस श्रीनाथ ने आज कहा कि सेप्सिस का इलाज महंगा और मुश्किल होता है। इसलिए सेप्सिस से बचने के सभी उपाय किया जाना ही श्रेष्ठ होता है। वे 13 सितम्बर को मनाये जाने वाले ‘वर्ल्ड सेप्सिस डे’ की पूर्व संध्या पर एक पत्रवार्ता को संबोधित कर रहे थे। डॉ श्रीनाथ ने बताया कि सेप्सिस एक संक्रमण है। कमजोर रोग प्रतिरोधक शक्ति वाले लोगों को यह जल्दी अपनी चपेट में लेता है। इनमें बच्चे, बूढ़े, किडनी की बीमारी, सर्जरी, कैंसर की दवाइयों या शरीर में प्रविष्ठ किए जाने विभिन्न उपकरणों के कारण सेप्सिस हो सकता है। अंग प्रत्यारोपण के बाद भी इसका खतरा रहता है।












