दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में वाल्मीकि जयंती मनाने के साथ अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण का शुभारंभ किया गया। जिसमें छात्र संस्कृत में सम्भाषण करना सीखेगें। महर्षि वाल्मिकि संस्कृत साहित्य के आदि कवि कहे जाते है। जिन्होंने रामायण महाकाव्य की रचना की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.एन. सिंह, विषिष्ट अतिथि हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. अभिनेष सुराना एवं डॉ. शंकर निषाद थे।












