भिलाई। संतोष रूंगटा समूह द्वारा संचालित जीडी रूंगटा कॉलेज आॅफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में नैनोतकनीक पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय की डॉ पूर्णा बोस ने नैनो प्रौद्योगिकी पर अपने विचार रखते हुए कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों को भी इसकी जानकारी थी। विभिन्न क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए प्रयोगों से यह बात साबित हो चुकी है। सूक्ष्म तथा अति सूक्ष्म पदार्थों के प्रभाव से वे भलीभांति परिचित थे।












