Bhandara-Polythene

भिलाई। भण्डारा संस्कृति अपनी 21वीं सदी के स्वरूप में एक सिरदर्द बन गयी है। रिसाली के एक धार्मिक आयोजन के भण्डारे से निकले कचरे ने लगभग एक दर्जन मवेशियों की जान ले ली। ऊपर दी गई छवि इसी वर्ष के शारदीय नवरात्रि के अवसर की है। हाऊसिंग बोर्ड औद्योगिक क्षेत्र के इस खाली प्लाट को निगम ने डम्पिंग ग्राउण्ड बनाया है। प्लास्टिक, पालीथीन, थर्मोकॉल की खिचड़ी लगी प्लेटें और थैलियां गाय, कुत्ता और सुअर को समान रूप से आकर्षित कर रही हैं।

भिलाई। भण्डारा संस्कृति अपनी 21वीं सदी के स्वरूप में एक सिरदर्द बन गयी है। रिसाली के एक धार्मिक आयोजन के भण्डारे से निकले कचरे ने लगभग एक दर्जन मवेशियों की जान ले ली। ऊपर दी गई छवि इसी वर्ष के शारदीय नवरात्रि के अवसर की है। हाऊसिंग बोर्ड औद्योगिक क्षेत्र के इस खाली प्लाट को निगम ने डम्पिंग ग्राउण्ड बनाया है। प्लास्टिक, पालीथीन, थर्मोकॉल की खिचड़ी लगी प्लेटें और थैलियां गाय, कुत्ता और सुअर को समान रूप से आकर्षित कर रही हैं।

Full size460 × 293

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *