बेमेतरा। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, ढोलिया बेमेतरा द्वारा कोरोना महामारी काल में महिला स्व-सहायता समूह, नरवा, गरवा, घुरवा बाड़ी एवं अन्य किसानों को वर्ष भर आय का साधन देने वाली मशरूम उत्पादन तकनीक का प्रारंभ किया जायेगा। इसके अंतर्गत जिले के कृषको को मशरूम उत्पादन तकनीक का प्रशिक्षण करके सीखने के सिद्धांत पर प्रशिक्षण देने के लिए एक कार्ययोजना जिला प्रशासन को प्रस्तुत किया गया है। जिससे जिले में उत्पादित होने वाले धान के पैरा का समुचित उपयोग होगा। उत्पादित मशरूम कुपोषण को दूर करने में सहायक है एवं इसमें औषधीय गुण होने के कारण स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है।












