दुर्ग। योग एवं मेडिटेशन को केवल योगदिवस के दिन ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण जीवन काल के दौरान अंगीकृत करना चाहिए। ये उद्गार हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की कुलपति डॉ अरूणा पल्टा ने विश्व योग दिवस पर व्यक्त किये। डॉ पल्टा विश्वविद्यालय द्वारा विश्व योगा दिवस 2020 के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाईन योग दिवस समारोह को मुख्य वक्ता के रूप संबोधित कर रही थीं। लाफ्टर थेरेपी की महत्ता पर बोलते हुए डॉ पल्टा ने कहा कि प्रतिदिन हंसना हमारे लिए आवश्यक है। हंसने के दौरान शरीर में होने वाली आंतरिक क्रियाओं से शरीर में ताजगी एवं स्फूर्ति महसूस होती है। बड़ीमात्रा में ऑक्सीजन शरीर में प्रवेश करती है इससे मस्तिष्क के सुचारू संचालन में मदद मिलती है।












