दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय के स्वशासी प्रकोष्ठ द्वारा कोरोना काल के पश्चात भविष्य में मिश्रित अध्ययन प्रणाली की संभावनाओं पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजन के प्रथम दिवस दिनांक 25 जून को कार्यक्रम के आरंभ में कार्यशाला के संयोजक डॉ. अनिल कुमार कश्यप ने अपने स्वागत भाषण में इस आयोजन के संदर्भ और आवश्यकता पर प्रकाश डाला। आयोजन सचिव डॉ प्रज्ञा कुलकर्णी ने कार्यशाला के विषय एवं सामयिक महत्व को बताते हुए कहा कि भविष्य में अध्यापकों एवं विद्यार्थियों को मिश्रित अध्ययन प्रणाली से अभ्यस्त होना होगा जिससे कोविड-19 जैसी विपरीत परिस्थिति के अलावा अन्य समय में भी हम इसका उपयोग अतिरिक्त पठन-पाठन सामग्री को साझा करने में कर सकेंगे।












