भिलाई। हर साल लगभग 1.5 करोड़ बच्चे समय से पहले जन्म ले लेते हैं। इन्हें प्री-टर्म या प्री-मैच्योर बेबी कहा जाता है जिन्हें विशेष देखभाल की जरूरत होती है। प्री-टर्म की अवधि के अनुपात में इनमें अलग-अलग समस्याएं हो सकती हैं जिनमें से कुछ बेहद गंभीर हो सकती हैं। ऐसे बच्चों को एक दिन से लेकर कई हफ्तों तक एनआईसीयू में रखना पड़ सकता है। ऐसे शिशुओं और उनकी माताओं की देखभाल पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए प्रत्येक वर्ष 17 नवम्बर को वर्ल्ड प्रीमैच्योर डे मनाया जाता है।












