भिलाई। रमजान के दौरान इस बार छोटे-छोटे बच्चों ने भी रोजा रखा है। रोजा भूख-प्यास का अहसास तो कराता ही है साथ ही इन पर नियंत्रण रखकर ईश्वर की शरण को याद करने का अभ्यास भी कराता है। इस अवधि में लोग क्रोध, व्यसन और तमाम बुरी बातों से बचने का भी अभ्यास करते हैं। कोरोना योद्धा इन्हीं गुणों के कारण इस किठन दौर में भी अपना काम कर पा रहे हैं। इस बार रोजा रखने वाले बच्चों में कई तो बहुत छोटे हैं जो पहली बार रोजा रख रहे हैं।












