भिलाई। दिव्यांगों की जरूरतें हमसे भिन्न होती हैं। इसे समझने के लिए हम कुछ छोटे-छोटे प्रयास कर सकते हैं। जैसे आंखों पर पट्टी बांधकर चलना, एक पैर से चलने की कोशिश करना, कानों को बंद कर सुनने का प्रयास करना। इस तरह हम महसूस कर सकते हैं कि उनकी जरूरतें क्या हैंं। इस पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन संजय रूंगटा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा संचालित रूंगटा कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में किया गया।












