भिलाई। घर पर पूजन के लिए गणेशजी की स्वनिर्मित प्रतिमा ही श्रेष्ठ होती है। इसका आकार इतना ही होना चाहिए कि वह उसे एक हथेली पर संभाला जा सके। उक्त बातें आज हस्तशिल्प निगम, इंदौर की पंजीकृत प्रशिक्षक तृप्ति मिश्रा ने राष्ट्रीय गणेश मूर्ति निर्माण कार्यशाला को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। वे एमजे ग्रीन्स एवं शासकीय नवीन महाविद्यालय बोरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।












