दुर्ग। पिछले कुछ वर्षों से महिला एवं पुरूषों में आत्महत्या का प्रतिशत लगभग बराबर हो गया है। शारीरिक शोषण, नाजायज गर्भावस्था, पारिवारिक समस्या, बीमारी, संपत्ति विवाद और करियर आत्महत्या के प्रमुख कारण है। युवाओं में अड़तालीस प्रतिशत आत्महत्या करियर के कारण ही होता है। उक्त बातें जिला अस्पताल में पदस्थ मनोवैज्ञानिक डॉ. आभा शशि कुमार ने कहीं।












