भिलाई। टेक्नोलॉजी हमारे काम को आसान बनाने के लिए है। इसकी मदद से घंटों में होने वाले काम चुटकियों में कर सकते हैं। पर जब यही तकनीकी लत बन जाए तो मुसीबत का कारण बन जाती है। ऐसे मामलों में डाक्टरी हस्तक्षेप की जरूरत पड़ती है। यह बातें सेन्ट्रल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेन्टल एंड न्यूरो साइंसेज (सिमहान्स) के निदेशक डॉ प्रमोद गुप्ता ने आज कहीं। वे मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर एमजे कालेज ऑफ नर्सिंग द्वारा आयोजित सेमीनार को संबोधित कर रहे थे।












