भिलाई। विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में “मधुमेह देखभाल तक पहुंच” पर चर्चा का आयोजन किया गया। माइक्रोबॉयोलाजी की विभागाध्यक्ष डॉ शमा ए बेग ने बताया कि इस वर्ष की थीम की जानकारी देते हुए बताया कि इंसुलिन की खोज के सौ वर्षो बाद भी दुनिया में लाखों लोग इससे पीडित है और ठीक से देखभाल न होने के कारण शारीरिक जटिलताओ में उलझ जाते हैं।












