दुर्ग। पद्मश्री फुलबासन बाई यादव ने आज कहा कि महिलाओं को घर के बाहर निकलकर अपनी क्षमताओं का उपयोग करना चाहिए। महिलाएं एक दूसरे का सहयोग कर आगे बढ़ें तो कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने स्वयं अपना उदाहरण देते हुए कहा कि कहां तो खाने को नहीं था और आज ढाई लाख महिलाएं उनसे स्व सहायता समूहों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं। इनके खाते में बचत का राशि 40 करोड़ से अधिक हो गई है।












