खपरी, दुर्ग। देवसंस्कृति कालेज ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों ने धमधागढ़ की प्राचीन धरोहरों का अवलोकन किया। 126 तालाबों के इस गढ़ का वैभवशाली इतिहास यहां के महामाया मंदिर में संरक्षित है। यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां महाकाली, लक्ष्मी एवं सरस्वती की प्रतिमाएं एक साथ स्थापित हैं। मंदिर के पीछे धमधागढ़ का प्राचीन किला जीर्णशीर्ण अवस्था में मौजूद है।












