दुर्ग। तामस्कर साइंस कॉलेज के संस्कृत विभाग द्वारा व्यास जयंती का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आर एन सिंह उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि क्योंकि हमारी प्रथम गुरु मां होती है जिससे हम बचपन से सब कुछ सीखते हैं तो वह हमारे लिए भगवान तुल्य हैं। हमें ऐसी माता का सदा सम्मान करना चाहिए। इसी प्रकार पिता भी हमारे लिए इतना त्याग करते हैं हमें सिखाते हैं वह भी दूसरे गुरु हैं। हमारे लिए वे सब गुरु हैं जो हमें कुछ भी सिखाते हैं, हमें इनका कृतज्ञ होना चाहिए। कभी ऐसा कार्य न करें जिससे इनके मन को ठेस पहुंचे।












