दंतेवाड़ा। छत्तीोसगढ़ के दंतेवाड़ा जिला स्थित बैलाडीला की पहाड़ियों में एक दुर्लभ हिरण मिला है। यह दुनिया की सबसे छोटी प्रजाति का हिरण है जिसे गोंडी भाषा में तुरें कहा जाता है। यह हिरण भटककर बचेली के सुभाष नगर में आ गया था। सूचना पर वन विभाग ने उसे वापस जंगलों में पहुंचा दिया। इंडियन माउस डियर का वैज्ञानिक नाम मोसियोला इंडिका है। ये विश्व की सबसे छोटी हिरण की प्रजाति मानी जाती है। इसकी लंबाई 575 सेंटीमीटर होती हैं और वजन 3 किलोग्राम के आस पास होता है।












