स्वस्थ गर्भावस्था, सामान्य प्रसव और मातृ-शिशु स्वास्थ्य हमेशा से शासन की प्राथमिकता रही है. माता का पोषण स्तर सुधारने, गर्भावस्था के दौरान उसकी नियमित जांच करने और सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने की दिशा में अनेक प्रयास किये गये हैं. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2019-21 के मुताबिक छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु दर 159 प्रति लाख है. राज्य में हर साल 18 हजार से ज्यादा नवजात शिशुओं की मौत जन्म के 2 हफ्ते के अंदर और 26 हजार से ज्यादा की मौत एक साल के भीतर हो जाती है. 250 से अधिक बच्चे जन्म से ही हृदय रोगों का शिकार हो जाते हैं. वहीं 13% से ज्यादा शिशुओं का वजन जन्म के समय ढाई किलो से भी कम होता है.












