खेलने का मतलब केवल मेडल जीतना नहीं होता. खेलकूद इंसान के साथ-साथ समाज को स्वस्थ और प्राणवंत भी बनाता है. खेलबो-जीतबो-गढ़बो-नवा छत्तीसगढ़ के नारे के साथ शुरू हुआ यह अभियान अब पूरे समाज को साथ लेकर चलेगा. छह अक्तूबर से छह जनवरी के बीच पूरा छत्तीसगढ़ खेलकूद के रंग में सराबोर होगा. इसमें बच्चे-बूढ़े सभी शामिल होंगे. सभी को अपनी उम्र, अपनी रुचि एवं अपनी दक्षता के हिसाब से खेलने का मौका मिलेगा. कई स्तरों पर होने वाली इन प्रतियोगिताओं में जीतने, सेलेक्ट होने और ऊपर तक जाने के अवसर होंगे.












