LIquor Chhattisgarh

If you can't leave it, learn it

साहिर लुधियानवी की एक नज्म है – “वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन, उसे एक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ना अच्छा”. यह सीख शराब बंदी पर एकदम फिट बैठती है. शराब है कि छूटती नहीं. जिन राज्यों में शराब बंदी है, दारू मिलती वहां भी है. थोड़ी महंगी मिलती है, चोरी छिपे पीना पड़ता है पर इसका अलग रोमांच है. छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम शायद यही मानते हैं कि पूर्ण शराब बंदी एक शिगूफा मात्र है. शराब बंदी करते ही इसकी तस्करी शुरू हो जाती है. पीने वाले पीते हैं पुलिस वाले अवैध कमाई करते हैं. सरकार अंगूठा चूसती रह जाती है.

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