वैसे तो छत्तीसगढ़ का बस्तर दशहरा अपनी अनूठी परम्पराओं और लंबी अवधि के लिए विश्व प्रसिद्ध है, पर देवभोग की परम्परा भी कम रोचक नहीं है. गरियाबंद जिले के देवभोग में, रावण दहन से पहले लंकेश्वरी देवी रावण की परिक्रमा करती हैं. लंकेश्वरी को लंका की रक्षा देवी लंकिनी का ही अपभ्रंश माना गया है. मान्यता है कि हनुमान से युद्ध में पराजित होने के बाद रावण के कोप से बचने के लिए लंकिनी दण्डकारण्य चली आई थी.












