प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त श्री हनुमान को सर्वशक्तिमान, शौर्य और पुरुषार्थ का प्रतीक माना जाता है. बाल ब्रह्मचारी श्री हनुमान की कभी किसी ने स्त्री रूप में कल्पना तक नहीं की होगी. पर छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से 25 किलोमीटर दूर बने गिरिजाबंध मंदिर में इनकी स्त्री-रूप में पूजा होती है. कुछ लोग इस मंदिर को हजारों वर्ष पुराना बताते हैं जबकि कुछ इतिहासविदों का मानना है कि यह मंदिर लगभग 843 साल पुराना है. छत्तीसगढ़ की प्राचीन राजधानी रतनपुर स्थित इस मंदिर में प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में लोग अपनी मनोकामना लेकर आते हैं. रतनपुर महामाया शक्तिपीठ के लिए प्रसिद्ध है.












