दुर्ग. असंगठित क्षेत्र के ठेका श्रमिक पर्याप्त शिक्षा के अभाव में शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहते हैं. यही वजह है कि उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में अपेक्षित परिवर्तन नहीं देखा जाता है. ऐसे मजदूरों की आकस्मिक चिकित्सकीय आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग की योजना की महति आवश्यकता होती है. यह निष्कर्ष समाजशास्त्र में शोध कर रहे पीएचडी शोधार्थी देवेश कुमार मेश्राम ने निकाला है.












