दुर्ग. भारती विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय किसान दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुशील चन्द्राकर ने कहा कि किसान हमारे देश की शान हैं. किसानों पर पूरे देश के लोगों का पेट भरने की जिम्मेदारी है. डाॅ. ए.के. दुबे, डीन एग्रीकल्चर ने कहा कि परंपरागत तरीके के बजाए वैज्ञानिक तरीके से की गई खेती से किसानों को ज्यादा लाभ हो रहा है.












