“चिकनी चमेली, छुप कर अकेली, पव्वा चढ़ाके आई” की धुन पर दोनों हाथों से पेग चुसकती लड़कियों को देखना हो तो आपका नवधनाढ्य आधुनिक हिन्दू समाज की शादियों में स्वागत है. यहां ‘लेडीज संगीत’ चल रहा है. डीजे का कान-फाड़ू शोर-शराबा है. आपस में बातचीत संभव नहीं है. डांस फ्लोर पर लड़कियां थिरक रही हैं. इन लड़कियों में दुल्हन भी शामिल है. सालियां दूल्हे को भी घसीट लाती हैं. किसी और के साथ खुशी-खुशी नाचने का संभवतः उसका यह आखिरी मौका है. दृश्य बदलता है दुल्हन हाथों में वरमाला लिये नाचती गाती मंडप की ओर बढ़ रही है.












