दुर्ग. शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिन्दी विभाग द्वारा बसंत पंचमी व सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला जयंती का आयोजन किया गया. प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने कहा कि निरालाजी की कविताओं में विविधता है, उनकी कविता का प्रत्येक शब्द गहन अर्थ लिए हुए है. उनकी मुख्य कविताओं की चर्चा करते हुए कहा कि स्वंत्रता आंदोलन में भी निराला की कलम का योगदान रहा है. वे मस्त-मौला कवि थे.












