कोरबा. तमाम स्वास्थ्य योजनाओं के बावजूद भोले-भाले ग्रामीण आज भी बैगा-बाबाओं से इलाज करा रहे हैं. इसके चलते न केवल लोग परेशान हो रहे हैं बल्कि कई बार मामूली बीमारियां जानलेवा रूप धारण कर रही हैं. करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत चाकामार निवासी फूल सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ. लापरवाही के चलते उसके पैरों का मामूली संक्रमण इतना बढ़ा कि मेडिकल कालेज अस्पताल के डाक्टरों को उसका एक पैर काटना पड़ा.












