दुर्गः भारती विश्वविद्यालय में फारंेसिक साइंस विभाग के तत्वावधान में ‘चिकित्सकीय-विधिक न्याय-निर्णयन: पारंपरिक से आधुनिक दृष्टिकोण’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डाॅ. सुधीर यादव, सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, फारेंसिक साइंस विभाग, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर उपस्थित थे। उन्होंने विसरा की जांच एवं इसके विभिन्न स्तरों के बारे में बताया।












