शकुन्तला और दुष्यंत की कहानी याद है? दोनों ने पूरी ईमानदारी से गंधर्व विवाह किया था. पर इस विवाह का कोई गवाह नहीं था. विवाह के बारे में किसी को बताया भी नहीं गया था. सबूत के तौर पर केवल एक अंगूठी थी जिसे राजा दुष्यंत ने शकुन्तला को दिया था. अंगूठी गुम गई और शकुन्तला को भुला दिया गया. आधुनिक समाज दस्तावेजों पर विश्वास करता है. काम करो या न करो, यदि उसका दस्तावेजीकरण (डाकूमेंटेशन) है तो काम को हुआ मान लिया जाएगा. देश में कई कुएं, सड़कें, तालाब, शौचालय और अब गरीबों के आवास केवल दस्तावेजों के भरोसे ही चल रहे हैं.












