विश्वगुरू भारत में गुरूजियों का हाल बेहाल है. एक के बाद एक धड़ाधड़ उनकी गिरफ्तारी पॉक्सो एक्ट के तहत हो रही है. कोई निलंबित हो रहा है तो कोई बर्खास्त हो रहा है. इन शिक्षकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे समूह में कुकृत्य करने लगे हैं. पढ़ने-पढ़ाने का शौक तो उन्हें कभी वैसे भी नहीं था. वे तो डिग्री और सर्टिफिकेट के भरोसे यहां नौकरी कर अपना और परिवार का पेट पालने आए थे. इनमें से कोई प्रायमरी मिडिल के बच्चों को द्विअर्थी चुटकुला सुना रहा है, कोई मोबाइल पर पोर्न दिखा रहा है तो कोई उनसे मालिश करवा रहा है.












