यूपी के बाबा शोहरत की बुलंदियों पर हैं. एक बाबा अपने छत्तीसगढ़ में भी हैं. बाबा राज्य के एक महत्वपूर्ण मंत्रालय के मुखिया हैं. पहले उनके पास दो महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी थी. एक उन्होंने छोड़ दिया और दूसरे से वे खुश नहीं हैं. मीडिया ने उन्हें खिलौना बना रखा है. जब भी एक आध प्रदेश स्तरीय खबर की मांग बनती है, बाबा से एक ही सवाल पूछते हैं. सवाल क्या पूछते हैं, उनकी दुखती रग पर हाथ रख देते हैं. बाबा की बड़ी इच्छा थी कि वे राज्य का मुख्यमंत्री बनें. पर ऐसा हुआ नहीं. पार्टी ने एक ठेठ किसान को राज्य का मुख्यमंत्री बना दिया.












