जिन्हें अब पिछड़ा और अविकसित समझते थे, जिन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए तमाम कोशिशें की जाती थीं, वे हमसे कहीं ज्यादा जागरूक और सामाजिक साबित हुए. अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ की केन्द्रीय महासभा ने शादियों में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने का फैसला किया है. महासभा की बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष डॉ देवेन्द्र माहला ने कहा कि विवाह एवं मृत्यु कार्यक्रम में दिखावटीपना बंद होना चाहिए. केवल रसूख दिखाने के लिए इसमें की जाने वाली फिजूलखर्ची पर विराम लगनी चाहिए.












